भीतर के रावण को, जो आग खुद लगाएंगे, सही मायने में वो ही दशहरा मनाएंगे।

इस दशहरे मनुष्य बस एक नेक काम करें, अंतर्मन में पनप रही हर बुराई का सर्वनाश करें।  

हो आपकी लाइफ में खुशियों का मेला, कभी ना आए कोई झमेला, सदा सुखी रहे आपका बसेरा। 

बुराई का होता है विनाश, दशहरा लाता है उम्मीद की आस, रावण की तरह आपके दुखों का हो नाश, 

रावण का सर्वनाश हो, हर हृदय में श्री राम का वास हो।