इस एक्ट के तहत वह कोई भी जानकारी है जिसका इस्तेमाल किसी व्यक्ति की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पहचान करने के लिए किया जा सकता है, व्यक्तिगत जानकारी होती है. व्हाट्सएप ग्रुप एडमिन के पास सदस्यों के फोन नंबर होते हैं, इसलिए सरकार के मुताबिक वे डेटा प्रोटेक्शन एक्ट के दायरे में आते हैं.